• July 13, 2020

अधिकतर कर्मचारी बोले- उनको जानकारी ही नहीं

माउंटआबू उपखंड अधिकारी डॉ. रविंद्र गोस्वामी की ओर से 25 दिन पहले आबूरोड शहर के 60 रेलवे कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पात्र नहीं होने के बाद भी उनके द्वारा हर माह खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं लेने की जानकारी दी गई थी। इसमें संबंधितों से जून माह तक उठाए गए गेहूं का 27 रुपए प्रतिकिलोग्राम के हिसाब से एक हफ्ते में भुगतान जमा करवाने के लिए पाबंद किया गया था।साथ ही ऐसा नही करने पर अनुशासनात्मक कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी। जानकारी के अनुसार गत 5 जून को एसडीएम ने जारी किए इन नोटिसों में संबंधितों को बताया गया था कि अपात्र होने के बाद भी उनके द्वारा खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीबों को दो रुपए किलों के भाव से मिलने वाला गेहूं लगातार उठाया जा रहा है।इसमें संबंधितों की और से उठाए गए गेहूं की जानकारी देकर भारतीय खाद्य निगम की इकॉनोमिक लागत एवं विभागीय खर्चों के आधार पर जून माह तक उठाए गए गेहूं का 27 रुपए प्रतिकिलोग्राम गेहूं के हिसाब से भुगतान जमा करवाने के लिए पाबंद किया गया था। नोटिस जारी होने के सात दिन की अवधि में राशि जमा नहीं होने तथा कोई जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई थी।आधे से ज्यादा रेलवे कर्मियों ने नोटिस का दिया जवाबसबसे बड़ी बात यह है कि इस मामले में नोटिस जारी होने के बाद अब तक आधे से ज्यादा रेलवे कर्मचारियों की ओर से जवाब प्रस्तुत किए गए हैं। उनमें से अधिकांश ने इस गेहूं को उठाने के मामले में जानकारी भी नहीं होना बताया तथा इसके लिए उनके द्वारा बकायदा शपथ पत्र भी दिया गया है।अब तक जितने भी रेलवे कर्मचारियों के जवाब मिले हैं उनके द्वारा गेहूं नहीं उठाए जाने की बात सामने आई है। इसके लिए उन्होंने शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया है। इसके बाद हमने उनके नाम पर उठाए जाने वाले गेहूं के वितरण पर रोक लगा दी है। सभी रेलवे कर्मचारियों के जवाब मिलने के बाद संबंधित राशन डीलर के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रविंद्र गोस्वामी, एसडीएम, माउंटआबूDownload Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

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