• July 13, 2020

मोर्चरी में दो शव आपस में बदले, फोन कर परिजनों से वापस बुलवाने पड़े

एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में मंगलवार को शव बदल कर परिजनों को दे दिए गए। दुखी एक परिवार के परिजनों ने भी शव को नहीं देखा और चले गए लेकिन जब दूसरे के परिचितों ने शव की शिनाख्त के वक्त कहा कि – उनका परिचित का शव नहीं है तो मोर्चरी पर हंगामा हो गया।मामले का पता चला चलने के बाद शव को लेकर गए परिजनों से संपर्क किया गया और उन्हें मामला बताया गया। इस पर वो भी नाराज हो गए और अस्पताल आते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। बामुश्किल उन्हें शांत कराया गया और सही शव देकर उन्हें भेजा गया। वहीं मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दी और कहा है कि जो भी दोषी होगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।ये है मामला : फागी तहसील के जयपालपुरा निवासी बाबूलाल की सोमवार देर रात एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। परिजन सुबह ही यहां की मोर्चरी पर शव लेने के लिए पहुंच गए। जहां सुबह ही उन्हें शव दे दिया जाना चाहिए था, वह उन्हें दोपहर तक नहीं सौंपा गया।जब परिजनों ने शव लेने के लिए हंगामा करना शुरू किया तो उन्हें बाबूलाल का शव बताकर बॉडी दे दी गई। लेकिन एक परिजन ने बाडी की शिनाख्त की बात कही और देखते ही कहा कि यह बाबूलाल का शव नहीं है। इस पर वहां मौजूद अन्य परिजनों ने भी शव देखा और इस पर सहमति जताई।मामला सामने आते ही मोर्चरी के बाहर हंगामा हो गया। इसके बाद प्रशासन को इसकी सूचना दी गई और पता किया गया कि आखिर शव कहां गया। सामने आया कि गफलत में बाबूलाल का शव कौथून के किसी दूसरे परिवार को दे दिया गया है। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने कौथून शव लेकर गए परिजनों से बात कर उन्हें वापिस जयपुर बुलवाया। यहां उनका शव आने के बाद दोनों को सही शव सौंपे गए।हंगामा और शव बदलने के इस मामले की जानकारी जब एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश शर्मा को मिली तो वे भी चौंक गए। उन्होंने कहा- हमने इस मामले में जांच कमेटी बनाई है, जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद दोषी पर ठोस कार्रवाई करेंगे।गलती किसकी ?आखिर यह गलती किसने की? क्योंकि किसी भी शव को देने से पहले इंचार्ज डॉक्टर शिनाख्त कराता है और हस्ताक्षर के बाद ही शव को दिया जाता है। लेकिन सामने आया कि मौके पर डॉक्टर थे ही नहीं। अन्य संविदाकर्मियों ने प्रक्रियाएं पूरी की और शव को दे दिया। हालांकि मामला पकड़ में आ गया लेकिन अमूमन यहां इसी तरह बिना किसी जिम्मेदारी के शवों को देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

जयपुर, बाबूलाल का शव ले जाने वाले परिवार को 1 घंटे बाद बताया- गलत शव ले गए, लौट आओ।

Please follow and like us:

Related post

Coronavirus Live Update

COVID-19