• July 13, 2020

शुगर मिल में ईटीपी ठीक नहीं, ट्रीटेड पानी खुले में बहाया जा रहा, बदबू से लोग परेशान, सीपीसीबी ने रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी

शहर में प्रदूषण के पर्याय शुगर मिल में ईटीपी (एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) ठीक नहीं है। इस कारण ट्रीटेड पानी खुले में बहाया जा रहा। शुगर मिल की तमाम व्यवस्थाओं में खामियां हैं, इसलिए आधा शहर शुगर मिल से निकलने वाली बदबू से परेशान हैं। एनजीटी के निर्देश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) दिल्ली के अफसरों ने अपने राज्य के सहयोगी अफसरों के साथ शुगर मिल का दौरा किया तो कई कमियां सामने आई।कमेटी ने जो अपनी रिपोर्ट दी वह हैरान करने वाली है, क्योंकि ईटीपी के ऑपरेशन और मेंटीनेंस की व्यवस्था सबसे खराब निकली। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि जल प्रदूषण के लिए यह खतरनाक है। मिल का गंदा पानी खुले में ही फैल रहा है, जिस कारण बदबू से आधा शहर परेशान है। सीपीसीबी के सहायक निदेशक पीके मिश्रा, सीपीसीबी से ही रीना सतावन, आरए कुलदीप सिंह, एचएसपीसीबी पानीपत के आरओ संदीप सिंह और यहीं से असिस्टेंट एनवायरनमेंट इंजीनियर प्रदीप सिंह की टीम ने 12 फरवरी 2020 को शुगर मिल पानीपत की जांच की।शुगर मिल की जांच में यह कमियां आईं सामनेबोरवेल से शुगर मिल को ताजा पानी मिलता है। हालांकि, इस बोरवेल के लिए सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी से एनओसी लेना बाकी है। ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला ट्रीटेड पानी की पाइप लाइन लीकेज थी। ईटीपी के पानी को जहां पर स्टोर किया जाता है, वह ओवरफ्लो था। यूनिट में सिंचाई की कोई प्लानिंग नजर नहीं आई, हालांकि दावा किया जाता है कि ट्रीटेड पानी का उपयोग प्लांट परिसर में पौधों को सींचने में किया जाता है। ईटीपी का ऑपरेशन और मेंटीनेंस सबसे खराब स्थिति में था। जिस ईटीपी से केमिकल युक्त पानी ट्रीट किया जाता है। प्राइमरी और सेकेंडरी क्लेरिफायर क्षतिग्रस्त मिला। यूनिट से निकलने वाले खतरनाक वेस्ट और सॉलिड के मैनेजमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। वेस्ट वाटर पूरे ईटीपी परिसर में फैला हुआ था। इतना ही नहीं शुगर मिल से निकलने वाला वेस्ट पानी जहां-तहां फैला हुआ था। बायो कंपोस्ट यार्ड की दीवारों के साथ प्रॉपर ड्रेन बनाई जाए, ताकि यह पानीपत यूनिट से बाहर न फैले। इतना ही नहीं स्टोरेज गैलन की टूटी हुई दीवार ठीक की जाए।आसपास एरिया में घूमी टीम, लोगों से की बातटीम के सदस्य संजय कॉलोनी के विजय जैन और राहुल, संजय कॉलोनी स्थित शहीद रविकांत कन्या विद्यालय की मुख्य टीचर पूनम शर्मा, वार्ड-17 की पार्षद प्रमोद देवी, मुखीजा कॉलोनी की गीता देवी और न्यू आरके पुरम स्थित नवयुग स्कूल की मालिक संगीता से मिले और समस्याएं जानी। संगीता ने बताया कि कैसे शुगर मिल की राख और बदबू की वजह से बच्चे खुले में नहीं बैठते हैं।मिल के कुप्रबंधन से शहरवासी परेशानशुगर मिल के कुप्रबंधन से वार्ड-18 का पूरा एरिया सबसे अधिक प्रभावित है। जिसमें सतकरतार कॉलोनी, आठ मरला एरिया, मुखीजा कॉलोनी, आरके पुरम एरिया साथ ही वार्ड-17 का एरिया भी बहुत प्रभावित है। इसमें मिल के सामने संजय कॉलोनी, आजाद नगर, राज नगर एरिया आदि है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

शुगर मिल परिसर में खुले में बहाए जा रहे केमिकल युक्त पानी।

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