• July 11, 2020

सेवानिवृत्त बाबू डीईओ कार्यालय से अपने घर ले गया कूलर विभाग ने नाेटिस दिया…प्रदर्शन करते ही निरस्त कर दिया

सेवानिवृत्त वरिष्ठ सहायक कर्मचारी अनिल स्वामी की ओर से डीईओ प्रारंभिक कार्यालय से एक कूलर अपने घर ले जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक की ओर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ सहायक कर्मचारी अनिल स्वामी, कनिष्ठ सहायक निखिल कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महेंद्र पाल चुघ काे 23 जून को नाेटिस जारी किया गया।इसके बाद अनिल स्वामी व कई मंत्रालयिक कर्मियाें काे लेकर कार्यालय में आए और अधिकारियाें पर दबाव डालकर 25 जून काे नाेटिस निरस्त करवा दिया। इससे पहले इस संबंध में जांच अधिकारी कनिष्ठ लेखाकार महेश कुमार खटाणा काे बनाया गया।खटाणा ने बताया कि यह इस नाेटिस के लिए सहायक प्रशासनिक अधिकारी एवं स्टाेर प्रभारी राकेश दत्ता द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र जांच शाखा के नाम मार्क हाेकर मेरे पास आया ताे मैंने तीनाें कर्मियाें के नाम नाेटिस जारी कर दिया और डीईओ ने इस पर हस्ताक्षर किए। लेकिन अनिल स्वामी कई मंत्रालयिक कर्मियाें काे लेकर कार्यालय आए और डीईओ के सामने धमकाते हुए कहा कि आपके द्वारा यह सही नहीं किया गया है, भविष्य में ध्यान रखना एवं ऐसी गलती कभी मत करना।महेश कुमार ने धमकी देने के संबंध में कलेक्टर के नाम का ज्ञापन एडीएम कार्यालय में आकर दिया। इसके बाद एडीएम ने एसपी काे इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करवाने के लिए पत्र भेज दिया है। महेश कुमार खटाणा ने बताया कि अनिल स्वामी कूलर को अपना बता घर ले गए हैं, जबकि वह कूलर कार्यालय के स्टाॅक रजिस्टर में पृष्ठ संख्या 58 पर चढ़ा हुआ है।वहीं डीईओ प्रारंभिक दयाचंद बंसल ने बताया कि विभाग का कूलर घर ले जाने के मामले में सेवानिवृत्त कर्मचारी अनिल स्वामी, कनिष्ठ सहायक निखिल कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महेंद्र पाल चुघ काे नाेटिस जारी किया गया था। इन लाेगाें ने कार्यालय का घेराव कर दबाव बनाया, जिसके बाद जारी किया गया नाेटिस निरस्त कर दिया गया। यह कूलर विभाग के स्टाॅक में दर्ज किया हुअा है।कूलर विभाग का नहीं, मेरा है, 2015 में खरीदा था: रिटायर्ड बाबूसेवानिवृत्त वरिष्ठ सहायक कर्मचारी अनिल स्वामी ने बताया कि यह कूलर विभाग का नहीं, मेरा है। मैंने वर्ष 2015 में खरीदा था। इस कूलर काे विभाग ने अपने स्टाॅक रजिस्टर में बगैर बिल के कैसे चढ़ा दिया। यह मेरी समझ से बाहर है। मेरा उपार्जित अवकाश और जीपीएफ का भुगतान बकाया है। यह लेने के लिए मैं कार्यालय जाता हूं। कार्यालय में ताश खेलने की बात गलत है। मुझे कंप्यूटर तक चलाना नहीं आता है। मैंने कार्यालय से काेई सिलेंडर नहीं लिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

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