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क्या आपको भी नींद नहीं आती, ये उपाय करें और चैन की नींद सोएं – Sleeping Disorder

नींद न आने के पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे चिंता, डिप्रेशन, हार्ट अटैक, ओस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस। नींद पूरी न होने पर आपकी स्मरण शक्ति कमजोर होने, चिड़चिड़ापन, हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। अनिद्रा की इस परेशानी से छुटकारा दिलाने में दादी के नुस्खों जितने असरदार हैं ये आयुर्वेदिक टिप्स। ये आयुर्वेदिक नुस्खे आपको फिर से आपकी नींद वापिस दिला देंगे।

तर्पक कफ
तर्पक कफ पानी के उप दोष को कहते हैं। पानी हमारे ब्रेन सेल्स का लालन पालन करता है और अच्छी नींद दिलाता है। इस दोष में असंतुलन होना और ब्रेन सेल्स को सही पोषण न मिलने पर अनिद्रा हो जाती है। ऐसे में खुद को स्वस्थ रखने के लिए रात 8 बजे से पहले कार्बोहाइड्रेट और वसा से भरपूर खाना खाएं। गुड़ मिला ज्यादा वसा वाला दूध पिएं। जिन खाद्य पदार्थों में ट्रिप्टोफान, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मेलाटोनिन और विटामिन बी6 होता है वे नींद दिलाने में मदद करते हैं। इसलिए अपने खाने में दूध, अंडा, पनीर, पास्ता, दही, केले और टमाटरों को जरूर शामिल करें।प्राण वात

प्राण वात, हवा का उप दोष है। इसकी कमी से अनिद्रा, चिंता और डिप्रेशन जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। प्राण वात तंत्रिका तंत्र को सेंसिटिव बनाता है और एक सेंसिटिव तंत्रिका तंत्र प्राण वात में असंतुलन पैदा कर अनिद्रा की समस्या पैदा कर सकता है। ऐसे में चिंता दूर करने के लिए टांगें गर्म पानी से धोएं और पांवों की मक्खन से मालिश करें। अगर मक्खन नहीं है तो दूध और मलाई का पेस्ट बना पांव के तलवे और माथे पर जरूर मालिश करें। इस व्यायाम को करने से शरीर में हो रही टेंशन कम होती है। अपने शरीर के प्रेशर प्वाइंट्स पर मालिश कर शरीर को जरूर रिलैक्स करें।

साधक पित्त
साधक पित्त आग का उप दोष है और दिल में रहता है। ये दोष आदमी की भावनाओं, इच्छाओं और आध्यात्मिकता को नियंत्रित करता है। साधक पित्त में असंतुलन से लोगों पर काम का दवाब बनता है, जिससे अनिद्रा की समस्या हो जाती है। इसे कम करने के लिए लोगों को खाने के बाद लौकी और गन्ने का जूस पीना चाहिए। पांच भिगोए हुए बादाम और 100 मिली लीटर हल्का गर्म बादाम वाला दूध सोने से पहले पिएं। आपको अनिद्रा से जल्द छुटकारा मिलेगा।

आयुर्वेद के ये टिप्स भी आपके काम आएंगे –

  • रोज एक ही समय पर सोएं और जगें, इससे एक रेगुलर स्लीपिंग पैटर्न बनेगा।
  • रोज रात को सोने से पहले की एक रूटीन बनाएं जैसे खुद को बिस्तर पर रिलैक्स करें। बिस्तर पर किसी भी तरह की एक्टिव और दिमाग को व्यस्त रखने वाली गतिविधि न करें। टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर की जगह, ध्यान लगाकर धीरे-धीरे सांसें लेकर खुद को शांत रखने की कोशिश करें।
  • रात को सोने से पहले कैफीन और शराब का सेवन न करें।
  • तिल के तेल से अपने पांव के तलवों की मालिश करें।
  • बिस्तर पर जाकर हल्का योग करें।

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