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अदरक के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits of Ginger)

अदरक स्वास्थ्यवर्धक है। यह पोषक तत्वों और बायोएक्टिव से भरा हुआ है जो आपके शरीर के लिए लाभकारी है।

  1. अदरक का उपयोग पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा के विभिन्न रूपों में किया जाता है।
  2. यह पाचन में मदद करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
  3. यह मतली को कम करता है और फ्लू और सामान्य सर्दी से लड़ने में मदद करता है।
  4. अदरक को ताजा, सूखे, पाउडर या तेल या रस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  5. यह अधिकांश भारतीय खाद्य पदार्थों में एक बहुत ही आम हिस्सा है।
  6. अदरक की अनोखी खुशबू और स्वाद इसके प्राकृतिक तेलों से आता है।
  7. इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है।
  8. मांसपेशियों के दर्द में अदरक बहुत प्रभावी है।
  9. अदरक पुरानी अपच का इलाज करने में मदद कर सकता है।
  10. अदरक पाउडर मासिक धर्म के दर्द को काफी कम कर सकता है।
  11. अदरक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है।
  12. इसमें एक पदार्थ होता है जो कैंसर को रोकने में मदद कर सकता है।
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कब्ज – इलाज और परहेज (Home Remedies for Constipation)

कब्ज (Constipation) एक समस्या है जिसके कारण पेट ठीक से साफ नहीं होता और काफी दिक्कतें आती हैं । इस कारण कई बार शौच के लिए जाना पड़ता है। पेट साफ ना होने के कारण पूरे दिन आलस्य बना रहता है। काम में मन नहीं लगता। कब्ज की परेशानी के कारण ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, घण्टों बैठे रहना पड़ता है। व्यक्ति को बहुत सोच-समझकर खाना पड़ता है। क्या आप भी कब्ज से परेशान हैं, और घरेलू उपचार चाहते हैं?

कब्ज क्या है? (What is Constipation)

शरीर का संतुलन वात, पित्त, कफ दोषों पर निर्भर करता है। इनमें हुए असंतुलन के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान एवं जीवनशैली में लापरवाही के कारण आहार सही समय पर ठीक प्रकार से नहीं पचता। इससे शरीर के दोष असंतुलित तथा दूषित होकर रोग उत्पन्न करते हैं। कब्ज में मुख्यतः वात दोष की दुष्टि होती है, जिस कारण मल सूखा एवं कठोर हो जाता है।

कब्ज होने के कारण (Constipation Causes in Hindi)

कब्ज की बीमारी होने के कई कारण होते हैं :-

  • भोजन में रेशेदार आहार की कमी होना।
  • मैदे से बने हुए भोजन का सेवन करना।
  • तले हुए मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना
  • पानी कम पीना
  • तरल पदार्थों का सेवन कम करना।
  • समय पर भोजन ना करना।
  • रात में देर से भोजन करना।
  • देर रात तक जागने की आदत।
  • अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, तंबाकू आदि का सेवन करना।
  • भोजन पचे बिना ही दोबारा भोजन करना।
  • तनावयुक्त जीवन जीना।
  • हार्मोन्स का असंतुलन
  • थायराइड की परेशानी होना।
  • लम्बे तक दर्द निवारक दवाइयों का इस्तेमाल करना।

कब्ज के लक्षण (Constipation Symptoms)

कब्ज की पहचान ये हैः-

  • कुंथन करने पर ही मलत्याग होना।
  • पेट में दर्द रहना।
  • पेट में गैस बनना।
  • मल का सख्त होना।
  • सिर में दर्द रहना।
  • बदहजमी
  • बिना श्रम के ही आलस्य बने रहना।
  • पिण्डिलियों में दर्द रहना।
  • मुंह से दुर्गन्ध आना।
  • कब्ज के कारण मुँह में छाले होना।
  • त्वचा में मुँहासे होना।

मुनक्के के सेवन से कब्ज का घरेलू इलाज (Raisin: Home Remedies to Treat Constipation)

लगभग 5-8 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगा दें। सुबह इसके बीज निकालकर दूध में उबाल कर खाएं, और दूध पी लें।

एरण्ड के तेल से कब्ज का घरेलू इलाज (Castor oil: Home Remedy for Constipation)

सोते समय एक गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच एरण्ड का तेल डालकर पिएं। कब्ज दूर करने का यह घरेलू इलाज बहुत ही उपयोगी है।

कब्ज की परेशानी में बेल से फायदा (Bael: Home Remedies for Constipation Treatment)

बेल का फल कब्ज की समस्या के लिए फायदेमंद होता है। आधा कप बेल का गूदा, और एक चम्मच गुड़ का सेवन, शाम को भोजन से पहले से करें। बेल का शरबत भी कब्ज में फायदा करता है।

जीरा और अजवायन से कब्ज का इलाज (Jeera and Ajwain: Home Remedies to Treat Constipation)

जीरे और अजवायन को धीमी आंच पर भून कर पीस लें। इसमें काला नमक डालकर तीनों को समान मात्रा में मिला कर डब्बे में रख लें। रोज आधा चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ पिएं। यह कब्ज दूर करने का कारगर घरेलू इलाज है। 

कब्ज की बीमारी में मुलेठी से लाभ (Mulethi: Home Remedy for Constipation Disease)

एक गिलास पानी में एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण और एक चम्मच गुड़ मिलाकर सेवन करें। यह कब्ज की समस्या को ठीक करने में मदद करता है।

सौंफ से करें कब्ज का इलाज (Saunf: Home Remedies for Constipation Problem)

रात में सोने से पहले एक चम्मच भुनी हुई सौंफ गरम पानी के साथ पिएं। सौंफ में पाए जाने वाले उड़नशील तेल पाचन क्रिया को दुरुस्त करते हैं, तथा गैस्ट्रिक एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाते हैं।

चने का प्रयोग कब्ज में लाभदायक (Gram: Home Remedies to Treatment Constipation)

  • कब्ज की समस्या में चना बहुत ही लाभदायक होता है।
  • इसे भिगोकर या उबालकर खाना चाहिए।
  • चने में जीरा या सोंठ को पीसकर डालें और सेवन करें।
  • पके हुए केले को दूध के साथ खाएं।
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आँखों की देखभाल | घरेलू उपाय और खान पान

हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है आँखें, लेकिन अगर आँखें एक पल के लिए भी हमसे अलग हो जाये तो ज़िन्दगी में अन्धेरा छा जायेगा। मोबाइल, टीवी और लैपटॉप के इस्तेमाल से आँखे कमजोर होने लगती है।

आँखों का व्यायाम
आँखों को एक बार ऊपर की ओर देखें एक बार नीचे की ओर देखें। एक बार दाएं तरफ और एक बार बाएं तरफ देखें। आँखों को गोलाई में घुमाएं, पहले एक दिशा और फिर दूसरी दिशा में घुमाए। इससे आँखों का व्यायाम हो जाएगा।

हरी सब्जियां व फल
आंखों के लिए विटामिन ए महत्वपूर्ण होता है, इसकी कमी से नाइट ब्लांइडनेस की शिकायत होती है। विटामिन ए की जरूरत सबसे अधिक रेटीना को होती है। हरी सब्जियों में विटामिन ए सबसे अधिक होता है। हरी सब्जियों में मौजूद केरोटिन तत्व विटामिन ए में बदल जाता है। इसलिए पालक, पुदीना, मेथी, बथुआ का सेवन करें। विटामिन सी के सेवन से आंखों की रोशनी बढती है। अमरूद, संतरे, अनानास, तरबूज और अंगूर में विटामिन ए और सी मौजूद होता है।

जिंक फूड
जिंक आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है। जिंक, विटामिन ए के लिए रेटिना की मदद करता है। बिना जिंक के आंखों को जरूरत के अनुसार विटामिन नहीं मिला, तो परिणामस्वरूप आपकी नजरें कमजोर होने लगती है। मुंगफली, दही, डार्क चॉकलेट, तिल व कोको पाउडर आदि में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। देखने की क्षमता उम्र भर एक सी बनी रहे। इसके लिए प्याज व लहसुन को अपने खाने में शामिल करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को मोतियाबिंद की समस्या हो तो उसे सेलेनियम से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।

अंडा व मछली
आंखों के लिए अंडा लाभदायक होता है। कैरोटिनायड्स का निर्माण करने वाले ल्यूटिन व जीजेंथिन नामक तत्व अंडे में प्रचुरता में पाए जाते हैं। रोज एक अंडा खाने से केरोटिनाइड्स की कमी के कारण आंखों के सेल्स में होने वाला क्षरण रोका जा सकता है।आंखों के लिए अंडा लाभदायक होता है। रोज अंडा खाने से केरोटिनाइड्स की कमी के कारण आंखों के सेल्स में होने वाला क्षरण रोका जा सकता है। मछली में ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों के लिए लाभदायक होता है।

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ऐलोवेरा के फायदे – 2

  • एलोवेरा को रक्त शोधन, पाचन क्रिया के लिए काफी गुणकारी भी माना जाता है।
  • यह इसलिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह केवल एक पक्ष की अवधि के दौरान ही अपना असर दिखाने में सक्षम है।
  • नियमित रूप से एलोवेरा जूस को पीने से शरीर में नयी ऊर्जा का संचार होता है।
  • एलोवेरा जूस के सेवन से त्वचा में निखार आता है।
  • इसके सेवन से आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां लगती है।
  • इसको पीने से या बालों में लगाने से चमक आती है, रूसी दूर हो जाती है और टेक्सचर भी अच्छा हो जाता है।
  • एलोवेरा में बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने की क्षमता होती है। ये डैंड्रफ दूर करने में काफी उपयोगी है।
  • इसके एंटी फंगल गुणों के कारण यह त्वचा पर फंगल इन्फेक्शन जल्दी ठीक भी कर देता है।
  • एलोवेरा का कोई भी अतिरिक्त प्रभाव नहीं होता। शरीर में रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाकर खून की कमी को पूरा करता है।
  • इसका नियमित उपयोग करके लंबी उम्र तक स्वस्थ रहा जा सकता है।
  • एलोवेरा जूस के नियमित इस्तेमाल से वजन बड़ी आसानी से घट जाता है।
  • आप घरेलू फेसवास बना कर भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
  • एलोवेरा के रस में हल्दी मिलाकर सिर में लगाने से सिर दर्द में आराम पहुँचता है।
  • एलोवेरा का जूस पीने से पीलिया में भी फायदा पहुँचता है।
  • गर्भावस्था के दौरान पेट पर आने वाले स्ट्रेच मार्क्स दूर करने में एलोवेरा लाभकारी है।
  • एलोवेरा में मौजूद एंजाइम ढीली पड़ चुकी त्वचा को हटाकर नयी त्वचा को नमी से युक्त रखते है।
  • आंवला और जामुन के साथ एलोवेरा का उपयोग करने से ये आंखों का भी बचाव करता है और साथ ही साथ बालों को मजबूती मिलती है।
  • शेव करने के बाद अगर चेहरा कट जाता है, तो ऐसे में एलोवेरा का जेल ऑफ्टर शेव की तरह भी काम करता है।
  • इसका एक सनस्क्रीन की तरह इस्तेमाल हो सकता है।
  • इसके एंटी ऑक्सीडेंट नमी को बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • इसका इस्तेमाल मोइश्चराइजर के निर्माण में किया जाता है।
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ऐलोवेरा के फायदे

हर व्यक्ति एलोवेरा के फायदे के बारे में जानता है। ये औषीय पौधा है जिसके कई फायदे हैं। हम जिन फायदों के बारे में आज आपको बताएँगे उनके बारे में कम लोगों को ही मालूम होगा। आयुर्वेद में इसे संजीवनी पोधा भी कहा जाता है। पूरे विश्व में इसकी 400 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से सिर्फ 4 प्रजातियां हीं हमें लाभ पहुंचाने में कारगर होती हैं।

एलोवेरा के फायदे :

  • इसका प्रयोग पौष्टिक आहार के रूप में होता है।
  • एक छोटे प्याले के सेवन से दिन-भर शरीर में ताकत बनी रहती है।
  • यह बवासीर रोग में आराम पहुँचाती है।
  • मधुमेह के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद है।
  • गर्भाशय के रोगों में यह चमत्कारी है।
  • पेट से संबन्धित समस्याओं में में भी फायदेमंद है।
  • जोड़ों के दर्द में आराम पहुँचा देता है।
  • त्वचा की समस्याएँ जैसे मुंहासे, रूखी त्वचा, झुर्रियों, चेहरे के दाग, आंखों के काले घेरों, फटी एड़ियों के लिए यह लाभप्रद है।
  • यह खून की कमी को दूर करता है
  • शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • जलने, कटने पर, अंदरूनी चोटों पर एलोवेरा अपने एंटी बैक्टेरिया और एंटी फंगल गुण के कारण घाव को जल्दी भरता है।
  • यह रक्त में शुगर लेवेल को नियंत्रित रखता है।
  • यह मच्छर से त्वचा को सुरक्षित रखता है, इसमें प्राकृतिक रूप से मॉस्किटो रिपेलेंट गुण मौजूद होते हैं।
  • एलोवेरा का इस्तेमाल जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैंपू, साबुन, फेशियल फोम, हेयर स्पा इत्यादि के निर्माण में भी किया जाता है।
  • एलोवेरा जेल या रस में मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार व स्वस्थ होंगे।
  • एलोवेरा के रस में नारियल के तेल की थोड़ी सी मात्रा मिलाकर कोहनी, घुटने व एड़ियों पर लगाकर धोने से इन जगहों पर पड़ने वाला कालापन दूर होता है।
  • इसकी पत्तियों का सेवन करने से पेट में कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।
  • गुलाबजल में एलोवेरा का रस मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा की नमी लौटती है।
  • एलोवेरा के गूदे में मुलतानी मिट्टी या चंदन पावडर मिलाकर लगाने से त्वचा के कील-मुंहासे आदि लंबे समय के लिए मिट जाते हैं।
  • यह पौधा कम पानी और कम उर्वरक मिट्टी में भी आसानी से पनप सकता है, इसलिए आप इसे बड़ी आसानी से ही अपने घर में छोटे गमलों में लगा सकते हैं।
  • यह जलने कटने के घावों पर मरहम की तरह काम करने के साथ साथ उनके निशानों पर भी काम करता है।

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Benefits of Dates

Dates are delicious and full of nutritious. It grow on the date palm tree.

They’re widely consumed around the world and hold high value in many cultures.

Dates are having high fiber and sugar content.

Dates Nutrition Information

Dates are highly nutritious. Though fresh dates are edible, dates are most often consumed dried and easily identified by their dry skin.

A 100 gm serving of dates provides:

  • Calories: 282
  • Protein: 2.5 grams
  • Carbs: 75 grams
  • Fiber: 8 grams
  • Sugar: 64 grams
  • Calcium: 3% of the Daily Value (DV)
  • Iron: 6% of the DV
  • Potassium: 14% of the DV
  • Magnesium: 10% of the DV
  • Copper: 23% of the DV
  • Selenium: 6% of the DV
  • Vitamin B6: 10% of the DV
  • Folate: 6% of the DV

Dates are typically dried and small. This makes eating multiple dates very doable. It’s easy to eat large quantities of calories, fiber, and natural sugar in one sitting. Therefore, be sure to eat dates in moderation.

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Treating Cold – Home Remedy

Chicken soup is a great choice when you’re sick with cold. Chicken soup with vegetables, prepared from scratch or warmed from a can, can give you relief from cold. The study found that chicken soup was effective for reducing the symptoms of cold. It also carries great nutritional value and helps keep you hydrated. It’s a good choice, no matter how you’re feeling.

Ginger has many health benefits, We have scientific proof of its curative properties. A few slices of raw ginger root in boiling water will reduce your cold. Research suggests that it can also ward off the feelings of nausea.

Honey has antibacterial and antimicrobial properties. Honey in tea with lemon can give relief in sore throat pain. Honey is an effective cough suppressant. Giving children 10 grams of honey at bedtime reduced the severity of their cough. The children reportedly slept more , which also helps reduce cold and its symptoms.

We should never give honey to a child younger than 1 year old. While they’re usually harmless to older children and adults.

Garlic contains the allicin, which have antimicrobial properties. Adding a garlic supplement to your diet reduce the severity of cold symptoms. It might even help you avoid getting sick in the first place.

Adding more garlic to your diet probably won’t hurt.

Vitamin C plays an important role and has many health benefits. Along with limes, oranges, grapefruits, leafy greens, and other fruits and vegetables, lemons are a good source of vitamin C. Fresh lemon juice to hot tea with honey may reduce cold symptoms. Drinking hot or cold lemonade may also help.

These drinks may not clear up your cold entirely, they can help you get the vitamin C that your immune system needs.

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केले के फूल का घरेलू और आयुर्वेदिक उपयोग

जैसा की हम सब जानते हैं की केले के पेड़ का हमारे जिंदगी में कितना महत्व है. हम केले का फल का कच्चे और पक्के रूप में उपयोग करते हैं। केले में बहुत सारी खूबियां होती हैं जिसकी वजह से हर उम्र के लोगो के लिए फायदेमंद है। आज हम आपको केले का एक नया उपयोग बताएँगे।

कई बार खेलते समय बच्चो और बड़ो को चोट लग जाया करती है। ज्यादातर बच्चो को खेलते समय कई बार अंदुरनी चोट लग जाती है। इसमें से सबसे दर्दनाक होता है अंडकोष पर चोट लगना जोकि ज्यादातर क्रिकेट या बॉल से जुड़े हुए खेल में होता है। कई बार चोट लगी जगह पर सूजन आ जाती है और बच्चे घर में ये बात नहीं बताते. बड़े भी कई बार इस तरह के चोट को नार्मल लेते है और कोई इलाज नहीं करते। ऐसे समय में इस घरेलु और आयुर्वेदिक उपचार का प्रयोग कर सकते हैं। इस प्रयोग का कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं है और आपको बहुत जल्दी फायदा होता है। इसमें केले के फूल का प्रयोग किया जाता है। केले का फूल आपको बहुत आसानी से मिल जायेगा. आपके आस पास जहाँ भी लगा हो उसमे से केले के फूल का एक परत निकल कर ले आइये।

उपयोग में लाने का तरीका
1. पहले केले के फूल की एक परत लें
2. उसके बाद उसे धीमी आंच पर हल्का सेक लें
3. ध्यान रखें की सेंकते समय जैसे ही फूल की परत में नमी आ जाएं उसे हटा लें
फिर उस पर हल्का गुनगुना देसी घी लगा लें
4. अब इस फूल को चोट वाली जगह पर लगाकर बांध लें
5. 3-4 घंटे में आपकी चोट पर सूजन बिलकुल कम हो जायेगा
6. जरुरत पड़े तो एक और फूल की परत का प्रयोग दुबारा करें

ज्यादातर समय ये एक बार में ही ठीक कर देता है।
नोट: ध्यान रहे की खुली चोट पर इसे प्रयोग न करें

और किसी जानकारी के लिए आप संपर्क कर सकते हैं।

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तुलसी के फायदे (Benefits of Tulsi)

तुलसी एकऔषधि है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है. सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है.
ज्यादातर परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है. इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन पौराणिक महत्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है. सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है.

तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है. तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना महत्व है. आमतौर पर घरों में दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है. एक जिसकी पत्त‍ियों का रंग थोड़ा गहरा होता है औ दूसरा जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है.

तुलसी के कुछ अनदेखे फायदे इस प्रकार हैं:

1. यौन रोगों के इलाज
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.

2. पीरियड्स की समस्या
अक्सर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. मासिक की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

3. सर्दी में खास
अगर आपको सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से मिलकर इस्तेमाल करने से फायदा होता है.

4. दस्त होने पर
अगर आप दस्त से परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों का इलाज फायदा देगा. तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर उसे दिन में 3-4 बार चाटते रहें. ऐसा करने से दस्त रुक जाती है.

5. सांस की दुर्गंध दूर करने के लिए
सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका साइडइफेक्ट भी नहीं होता है. अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के पत्तों को चबा लें. ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है.

6. चोट लग जाने पर
अगर आपको कहीं चोट लग गई हो तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव ठीक हो जाता है. तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो घाव को पकने नहीं देता है. इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन कम होती है.

7. चेहरे की चमक के लिए
त्वचा संबंधी रोगों में तुलसी खासकर फायदेमंद है. इसके इस्तेमाल से चेहरा साफ होता है.

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अच्छी गहरी नींद के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय – Home Remedies for Insomnia

नींद, महर्षि आयुर्वेद के मौलिक आधार और स्तंभों में से एक है। नींद इंसान के शरीर को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। एक अच्छी और गहरी नींद तनाव से राहत देने के साथ साथ जीवन शक्ति को बनाए रखने में भी मदद करती है। जब एक इंसान अच्छी और गहरी नींद लेता है तो उस समय उसका शरीर ऊतकों (tissues) को फिर से जीवंत करता है। उचित नींद इंसान के शरीर एवं मस्तिष्क दोनों को आराम देने के लिए काफी आवश्यक है। लेकिन नींद न आना यानी अनिद्रा आजकल के समय में एक आम समस्या बन चुकी है। तो चलिए जानते हैं नींद न आने के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय के बारे में जिसके उपयोग से आप एक अच्छी और गहरी नींद का आनंद ले सकते हैं।

अच्छी नींद का आयुर्वेदिक उपाय है कैफीन और चीनी से बचाव – Avoid sugar and caffeine for sound sleep in Hindi

कैफीन और चीनी नींद को ख़त्म कर देती हैं, इसलिए दोपहर के 3 बजे के बाद इन चीज़ो को खाने से बचना चाहिए।

अनिद्रा का आयुर्वेदिक इलाज है गर्म दूध के साथ जायफल – Hot milk good for sleep in Hindi

दूध प्रोटीन ट्रिपटोफन(tryptophan) का एक बड़ा स्रोत है, जो शरीर में नींद लाता है। एक अच्छी नींद के लिए गर्म दूध के एक गिलास के साथ जायफल का एक चौथाई चम्मच मिलाकर पिएं। अगर आपके शरीर का प्रकार पित्त है, तो आप दूध में शतावरी मिला सकते हैं। कफ शरीर के प्रकार वाले लोग हल्दी मिला सकते हैं और वात शरीर के प्रकार वाले लोग दूध में लहसुन मिला सकते हैं। 

नींद न आने का आयुर्वेदिक उपाय है तेल की मालिश – Oil massage for good sleep in Hindi

तेल मालिश तंत्रिका तंत्र को शांत करने का एक बढ़िया तरीका है जिससे नींद अच्छी आती है। सिर और पैर पर भ्रिंगराज तेल से मालिश अच्छी नींद लाने में मदद करता है।

अच्छी गहरी नींद लाने के लिए करें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद – Turn off electronic gadgets before bed in Hindi

सोने के कम से कम एक घंटे पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें जैसे मोबाइल, लैपटॉप, टीवी आदि। इससे तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद मिलेगी और आप आराम से सो पाएँगे।

नींद लाने का उपाय है ध्यान – Practice meditation before sleep in Hindi

ध्यान (meditation) के स्वास्थ्य लाभ हमेशा से विशाल रहे हैं। इसलिए यह आपके शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अच्छा है। बिस्तर पर जाने से पहले 10-15 मिनट के लिए ध्यान ज़रूर लगाएँ। यह आपके शरीर को आराम देगा और एक गहरी नींद के लिए प्रेरित करेगा।

अच्छी नींद आने के लिए करना चाहिए योग – Yoga for sleep disorders in Hindi

योग, विशेष रूप से प्राणायाम का अभ्यास, आपको शांत रखने, शरीर को आराम देने और तंत्रिका तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। सरल साँस लेने के व्यायाम भी नींद उत्प्रेरण में मदद करते हैं।

अच्छी नींद का आयुर्वेदिक उपाय है स्वस्थ आहार – Healthy diet for sleep in Hindi

एक स्वस्थ आहार अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। भारी मसालेदार या उत्तेजक खाद्य पदार्थों से बचें क्योंकि वे अम्लता या अपच भोजन करने का सुझाव दिया जा पैदा कर सक ते हैं, जो नींद चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। एक उचित पाचन और अच्छी नींद के लिए बिस्तर पर जाने से दो से तीन घंटे पहले एक हल्का ता है। 

गहरी नींद की आयुर्वेदिक दवा है जड़ी बूटियों का सेवन – Herbs for sleep disorders in Hindi

अच्छी नींद के लिए कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ मौजूद हैं। कुछ जड़ी बूटियाँ जैसे अश्वगंधा, तगार, और शंखपुष्पी आदि आपकी तंत्रिकाओं को आराम देती हैं जिससे आपको अच्छी नींद आती है।

नींद लाने का तरीका है नियमित दिनचर्या का पालन – Proper routine good for sleep in Hindi

एक नियमित दिनचर्या का पालन करना और समय पर सोना आपको अच्छी नींद देता है।

अच्छी नींद के लिए इन आयुर्वेदिक सुझावों का नियमित रूप से पालन करने पर, आपको निश्चित रूप से मदद मिलेगी। इन के साथ, यह भी सुनिश्चित करें कि कमरे में सोते समय काफी अंधेरा होना चाहिए।

नींद न आने की समस्या को करें दूर सेब के सिरके से – Apple cider vinegar for insomnia in Hindi

सेब साइडर सिरका में अमीनो एसिड होता है जो थकान को राहत देता है। साथ ही, यह फैटी एसिड को तोड़ने में मदद करता है। शहद भी आपके इंसुलिन को बढ़ाकर नींद को बढ़ावा देता है। शहद के इस्तेमाल से आपके दिमाग के केमिकल आपके नींद और उठने के चक्र को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। 

दिलचस्प बात यह है कि सेरोटोनिन का अगर स्तर नीचे जाता है तो आपके नींद में रुकावटे पैदा होने लगती हैं और अगर ज़्यादा मात्रा में रहे तो आपको नींद आना मुश्किल हो जाता है। इसलिए आपको उपाए के गुणों के हिसाब से उनका सेवन करना है जिस वजह से आपको सेरोटोनिन से जुडी उच्च या निम्न स्तर की परेशानी न झेलनी पड़े।

सेब साइडर सिरका का कैसे करें इस्तेमाल –

  • दो चम्मच सेब का सिरका और शहद को एक ग्लास गर्म पानी में ज़रूर मिलाएं। अब इस मिश्रण को सोने से पहले जरूर पियें।
  • इसके अलावा आप एक कप शहद में दो चम्मच सेब का सिरका मिला लें। अब इस मिश्रण का एक चम्मच पानी के साथ या बिन पानी के भी ले सकते हैं।
  • बच्चों के लिए आप दो चम्मच शहद को पानी में डालकर भी दे सकते हैं।

इसके अलावा पर्याप्त नींद लेने का प्रयास करें। किसी शांत और अँधेरे वाले कमरे में सोएं, सोने से पहले अधिक और भारी खाने को नज़रअंदाज़ करें, आराम की तकनीकों का अभ्यास करें, कैफीन को अपने आहार से दूर कर दें और रोज़ाना व्यायाम करने की कोशिश करें। अगर नींद की कमी आपकी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है तो अपने डॉक्टर को इस बारे में जानकारी दें।

अनिद्रा का घरेलू उपचार है वेलेरियन के जड़ – Valerian root for insomnia in Hindi

वेलेरियन एक औषधीय जड़ी बूटी है और इसमें मांसपेशियों को आराम देने के गुण भी मौजूद होते हैं। इसके सेवन से शरीर को आराम मिलता है और गहरी नींद को भी बढ़ावा मिलता है।

वेलेरियन जड़ का कैसे करें इस्तेमाल –

  • दो कप गर्म पानी में एक या आधा चम्मच वेलेरियन जड़ और जायफल को मिलाएं। अब इस 15 मिनट के लिए उबलते रहने दें। 15 मिनट के बाद मिश्रण को छान लें और पी लें। इस मिश्रण का इस्तेमाल रोज़ाना न करें क्योंकि इससे आपको हृदय की समस्या हो सकती है।
  • सिर्फ वेलेरियन जड़ की चाय को पीने से भी अपनी अनिंद्रा की समस्या दूर हो सकती है।
  • इसके अलावा आप आधा चम्मच वेलेरियन को पानी में मिलाकर पी सकते हैं। आप इस मिश्रण का सेवन पूरे दिन में तीन बार ज़रूर करें।

अच्छी नींद लाने के उपाय में करें मेथी का जूस का उपयोग – Fenugreek juice for insomnia in Hindi

मेथी चिंता, अनिद्रा, और चक्कर आने की समस्या को दूर करती है।

मेथी का जूस का कैसे करें इस्तेमाल –

  • दो चम्मच मेथी के पत्तों का जूस और एक चम्मच शहद को अच्छी तरह से मिला लें।
  • अब इस मिश्रण का सेवन रोज़ाना करें।

गहरी नींद का आसान उपाय है गर्म पानी – Warm milk for insomnia in Hindi

गर्म दूध आपके दिमाग और शरीर को आराम देने में बेहद लाभकारी है। केले की तरह ही दूध में भी ट्रिपटोपॉन होता है जो नींद को बढ़ावा देने में मदद करता है।

गर्म दूध का कैसे करें इस्तेमाल –

  • एक कप में गर्म दूध में एक या आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को मिलाएं।
  • सोने से पहले इस मिश्रण को पी लें।

अनिंद्रा को दूर करने का घरेलू उपाय है केला – Banana good for insomnia in Hindi

एक केला आपकी अनिंद्रा की समस्या के लिए बहुत प्रभावी हो सकता है। क्योंकि इसमें ट्रिपटोपॉन नामक एक एमिनो एसिड होता है जो सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। केले के सेवन से आपकी मनोदशा बढ़ती है और आपकी भूख को भी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। केले में मौजूद खनिज जैसे आयरन, कैल्शियम और पोटेशियम अच्छी नींद देने में सहायक होते हैं।

अनिंद्रा की समस्या के लिए घरेलू नुस्खा है कैमोमाइल – Chamomile tea for insomnia in Hindi

यह लम्बे समय से नींद के लिए बहुत फायदेमंद है। कैमोमाइल चाय अनिद्रा के लिए एक प्रसिद्ध प्राकृतिक घरेलू उपाय है। हालांकि सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन अध्ययनों के अनुसार कैमोमाइल में एपिजेनिन नामक यौगिक पाया जाता है जो अनिंद्रा के लिए बेहद प्रभावी होता है।

अच्छी नींद और थकान दूर करने के लिए एक कप कैमोमाइल चाय का आनंद लें। कैमोमाइल चाय में दालचीनी की एक चुटकी और कुछ शहद की मात्रा भी मिला सकते हैं।

अनिंद्रा को दूर करने के लिए करें जायफल का इस्तेमाल – Nutmeg powder for insomnia in Hindi

जायफल में बहुत ही प्रभावी गुण पाए जाते हैं। इसके इस्तेमाल से आपकी अनिंद्रा की समस्या खत्म होती है।

जायफल का कैसे करें इस्तेमाल –

  • एक कप गर्म दूध में एक से आठ चम्मच जायफल पाउडर को मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को सोने से पहले पियें।
  • इसके अलावा आप किसी भी फलों के जूस में ताज़ी जायफल को मिला सकते हैं। अब इस मिश्रण का सेवन सोने से पहले करें।
  • आप एक और विकल्प अपना सकते हैं। सबसे पहले एक चम्मच आंवला के जूस में कुछ मात्रा में जायफल पाउडर डालें। अब इस मिश्रण को पूरे दिन में तीन बार ज़रूर पियें। अनिंद्रा के अलावा यह अपच और अवसाद का भी इलाज करता है।

अनिद्रा के घरेलू उपाय करें जीरा से – Cumin seeds for insomnia in Hindi

जीरा औषधीय गुणों के साथ आपके पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद करता है। पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसका उपयोग नींद को प्रेरित करने के लिए किया गया है। जीरा तेल में कई प्रभाव देखे जाते हैं।

जीरा का कैसे करें इस्तेमाल –

  • एक क्रश केले में एक चम्मच जीरे पाउडर को मिलाये और सोने से पहले इस मिश्रण को खा लें। आपके पास जीरे का पाउडर नहीं है तो आप जीरे को भूनकर और फिर उसे पीसकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके अलावा तनाव और थकान को दूर करने के लिए आप जीरे की चाय भी बना सकते हैं। जीरे की चाय तैयार करने के लिए एक चम्मच जीरे के बीज को पांच सेकेंड के लिए हल्की आंच पर गर्म कर लें। अब जीरे को अलग रख दें। फिर एक कप पानी को गर्म करें और उसमे भुने हुए जीरे के बीज को मिक्स कर दें। अब गैस को बंद कर दें और ढक्कन से बर्तन को पांच मिनट के लिए कवर करके रखें। अंत में, सोने से पहले इस जी रा चाय को छान लें और फिर सोने से पहले पी जाएँ।

अच्छी नींद के लिए घरेलू नुस्खे में करें केसर का उपयोग – Saffron for insomnia in Hindi

केसर में कई तरह के गुण होते हैं जो अनिद्रा के इलाज में मदद करते हैं।

केसर का कैसे करें इस्तेमाल –

  • दो चुटकी केसर को एक कप गर्म दूध में मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण का सेवन रात को सोने से पहले करें।

नींद न आने का घरेलू उपचार है गर्म पानी से स्नान – Hot bath for insomnia in Hindi

आप सोने से दो घंटे पहले गर्म पानी से नहा सकते हैं। इससे आपकी अनिंद्रा की समस्या कम होगी। इससे आपके शरीर को आराम मिलेगा और तंत्रिका अंत को शांत करने में मदद मिलेगी।

इस उपाय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नींबू बाम, कैमोमाइल, रोजमेरी या लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर नहाएं।