Categories
Ayurveda Health

आँखों की देखभाल | घरेलू उपाय और खान पान

हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है आँखें, लेकिन अगर आँखें एक पल के लिए भी हमसे अलग हो जाये तो ज़िन्दगी में अन्धेरा छा जायेगा। मोबाइल, टीवी और लैपटॉप के इस्तेमाल से आँखे कमजोर होने लगती है।

आँखों का व्यायाम
आँखों को एक बार ऊपर की ओर देखें एक बार नीचे की ओर देखें। एक बार दाएं तरफ और एक बार बाएं तरफ देखें। आँखों को गोलाई में घुमाएं, पहले एक दिशा और फिर दूसरी दिशा में घुमाए। इससे आँखों का व्यायाम हो जाएगा।

हरी सब्जियां व फल
आंखों के लिए विटामिन ए महत्वपूर्ण होता है, इसकी कमी से नाइट ब्लांइडनेस की शिकायत होती है। विटामिन ए की जरूरत सबसे अधिक रेटीना को होती है। हरी सब्जियों में विटामिन ए सबसे अधिक होता है। हरी सब्जियों में मौजूद केरोटिन तत्व विटामिन ए में बदल जाता है। इसलिए पालक, पुदीना, मेथी, बथुआ का सेवन करें। विटामिन सी के सेवन से आंखों की रोशनी बढती है। अमरूद, संतरे, अनानास, तरबूज और अंगूर में विटामिन ए और सी मौजूद होता है।

जिंक फूड
जिंक आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है। जिंक, विटामिन ए के लिए रेटिना की मदद करता है। बिना जिंक के आंखों को जरूरत के अनुसार विटामिन नहीं मिला, तो परिणामस्वरूप आपकी नजरें कमजोर होने लगती है। मुंगफली, दही, डार्क चॉकलेट, तिल व कोको पाउडर आदि में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। देखने की क्षमता उम्र भर एक सी बनी रहे। इसके लिए प्याज व लहसुन को अपने खाने में शामिल करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को मोतियाबिंद की समस्या हो तो उसे सेलेनियम से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।

अंडा व मछली
आंखों के लिए अंडा लाभदायक होता है। कैरोटिनायड्स का निर्माण करने वाले ल्यूटिन व जीजेंथिन नामक तत्व अंडे में प्रचुरता में पाए जाते हैं। रोज एक अंडा खाने से केरोटिनाइड्स की कमी के कारण आंखों के सेल्स में होने वाला क्षरण रोका जा सकता है।आंखों के लिए अंडा लाभदायक होता है। रोज अंडा खाने से केरोटिनाइड्स की कमी के कारण आंखों के सेल्स में होने वाला क्षरण रोका जा सकता है। मछली में ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों के लिए लाभदायक होता है।